
आज अलीमुद्दीन स्ट्रीट पर CPIM के पार्टी कार्यालय के पास हिंदू धर्मगुरुओं की उपस्थिति में आयोजित चंडीपाठ का यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि बंगाल की धरती पर सनातन धर्म के सांस्कृतिक स्वाभिमान और आत्मविश्वास की एक सशक्त अभिव्यक्ति है।
अलीमुद्दीन स्ट्रीट, जिसे लंबे समय से बंगाल की हिंदू-विरोधी राजनीति के प्रमुख केंद्रों में से एक माना जाता रहा है, आज उसी स्थान के निकट से एक स्पष्ट संदेश दिया गया—बंगाल की संस्कृति किसी राजनीतिक दल की निजी संपत्ति नहीं है। सनातन धर्म, भारतीय सभ्यता और हमारी आध्यात्मिक विरासत को अपनी पहचान और महत्त्व स्थापित करने के लिए वामपंथी राजनीतिक विचारधारा की स्वीकृति की आवश्यकता नहीं है।
वक्ताओं ने आगे कहा कि वामपंथी शक्तियाँ राष्ट्र-विरोधी हैं और यह स्पष्ट किया कि बंगाल की धरती पर सनातन परंपराएँ सदैव गर्व और आत्मसम्मान के साथ सिर ऊँचा करके खड़ी रहेंगी।
इस अवसर पर वक्तव्य देने वालों में ठाकुर श्री श्री समिरेश्वर ब्रह्मचारी, तंत्र देवानंद महाराज, खना माँ, सत्यजीत दास, सायंतन बसु सहित अन्य लोग उपस्थित थे।